किसानों के नाम पर माहौल बिगाड़ने की साज़िश, हाईटेक वेव सिटी बनी विकास का प्रतीक

Date: 2025-09-13
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गाजियाबाद
देश की सबसे बड़ी हाईटेक टाउनशिप बनने जा रही वेव सिटी इन दिनों कुछ अराजक तत्वों के निशाने पर है। किसानों के नाम पर ये तत्व समय-समय पर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते हैं, ताकि जिले में विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस इस सिटी का विकास अवरुद्ध हो सके। छोटे-मोटे किसानों को मोहरा बनाकर अपने स्वार्थ पूरे करने वाले ये लोग धरना-प्रदर्शन कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.

दरअसल, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे जैसी बेहतर कनेक्टिविटी के चलते वेव सिटी निवेशकों और आम नागरिकों की पहली पसंद बन रही है। भीड़भाड़ और प्रदूषण से दूर लोग यहां अपना ठिकाना बना रहे हैं। यही वजह है कि कुछ लोगों को यह विकास रास नहीं आ रहा है.

जानकारी के अनुसार, वेव सिटी प्रबंधन द्वारा किसानों को तय नियमों के तहत मुआवजा दिया जा चुका है। बावजूद इसके समय-समय पर विरोध के स्वर उठाए जाते हैं। वास्तविकता यह है कि 2009-10 में हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत शुरू की गई इस परियोजना को विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग कंपनियों ने डिज़ाइन किया है। इसमें तकनीक-एकीकृत आवास, विशाल हरित क्षेत्र और आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया गया है.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल माहौल उपलब्ध है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवार भी अत्याधुनिक सुविधाओं का आनंद ले पा रहे हैं। यही कारण है कि परियोजना की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ रही है.

इस बीच, जिन किसानों को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उन्होंने स्वयं बताया कि 11 अगस्त 2025 को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष की उपस्थिति में वार्ता हो चुकी है और 26 अगस्त को अगली वार्ता निर्धारित है। उनका कहना है कि जल्द ही "दूध का दूध और पानी का पानी" हो जाएगा और जो उनका हक होगा, वह उन्हें मिल जाएगा.

वेव सिटी आज सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए आधुनिक और व्यवस्थित शहरी विकास का एक मिसाल बनकर उभर रही है.

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