(चौधरी अफसर की स्पेशल)
गाजियाबाद। डासना के मुख्य बाजार में एक ऐसा चाट ठेला है, जो न सिर्फ कस्बे बल्कि आस-पास के गांवों में भी अपनी चटपटी स्वादिष्ट टिक्की, समोसे, गोलगप्पे और पापड़ी के लिए मशहूर है। यह ठेला कोई नया नहीं, बल्कि लगभग तीन दशक पुरानी परंपरा का प्रतीक है — वार्ड नंबर 6 की भड़बूजों वाली गली के रहने वाले सोनू सक्सेना का चाट ठेला।
सोनू सक्सेना बताते हैं कि आज से लगभग 20 वर्ष पहले उनके पिताजी महेंद्र सक्सेना ने इस व्यवसाय की शुरुआत की थी। वे उस समय गाली वाली मस्जिद के पास एम. लाल डॉक्टर के सामने चाट का ठेला लगाया करते थे। उनके बनाए हुए पापड़ी, समोसे, टिक्की और गोलगप्पे पूरे क्षेत्र में अपनी खास पहचान रखते थे।
अपने पिता की इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सोनू सक्सेना ने पिछले दो दशकों से में मार्केट में यह ठेला संभाल रखा है। उनका कहना है कि “हमारे यहां के गोलगप्पे और टिक्की का स्वाद लोगों को बार-बार खींच लाता है। दूर-दराज़ के गांवों से लोग आते हैं, और कई बार शादी-ब्याह में बड़े ऑर्डर भी बुक करते हैं।”
सोनू सक्सेना का यह ठेला अब सिर्फ एक ठेला नहीं, बल्कि डासना की पहचान बन चुका है। स्थानीय लोग कहते हैं कि अगर आप डासना आएं और सोनू सक्सेना की टिक्की या गोलगप्पे नहीं खाए, तो आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी।
अगर आप भी चटपटे स्वाद के शौकीन हैं, तो एक बार जरूर डासना के में मार्केट पहुंचें और सोनू सक्सेना के टिक्की-गोलगप्पों का स्वाद चखें — जहां हर निवाले में तीन दशक पुरानी परंपरा और स्वाद की मिठास छिपी है।