MGR Industrialist Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह एवं Invest-UP के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विजय किरण आनंद से भेंट कर Masuri–Gulaothi Road (UPSIDC, Dhaulana, Hapur) औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख समस्याओं और सुधार संबंधी सुझावों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा.
एसोसिएशन ने अनुरोध किया कि मुख्य सचिव द्वारा गठित की गई औद्योगिक समिति में हमारी समस्याओं और सुझावों को सम्मिलित किया जाए तथा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक भी आयोजित की जाए, ताकि क्षेत्रीय उद्योगों की वास्तविक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हो सके.
बैठक में एसोसिएशन ने अवगत कराया कि उद्योगों को धारा 80 की जटिलताओं, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण का हापुड़ जिले के ग्रामों में धारा 80 की अनुमति ना देना, गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और हापुड़ विकास प्राधिकरण (HPDA) द्वारा वसूले जा रहे अत्यधिक विकास शुल्क तथा जटिल अनुमोदन प्रक्रिया के कारण नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना कठिन हो रही है। इससे निवेश प्रभावित हो रहा है और उद्योग पलायन की स्थिति बन रही है.
एसोसिएशन की प्रमुख माँगें:
1. धारा 80 की सरलता एवं शुल्क में कमी – MSME और नवोद्यमियों के लिए धारा 80 की स्वीकृति जिला स्तर पर की जाए तथा प्राधिकरणों द्वारा वसूला जाने वाला शुल्क ₹200 प्रति वर्गमीटर के आसपास सीमित हो.
2. छोटे प्लॉट हेतु लचीले मानक – 1500 वर्गमीटर तक के प्लॉटों पर साझा दीवार (Zero Setback) एवं व्यवहारिक अग्नि सुरक्षा प्रावधान लागू हों.
3. ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल – IGRS की तर्ज पर एक समर्पित पोर्टल बने, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो.
4. सड़क कनेक्टिविटी सुधार – NH-9 से UPSIDC Phase-I तक लगभग 6 किलोमीटर संपर्क मार्ग का निर्माण शीघ्र कराया जाए.
5. ESIC अस्पताल की स्थापना – हापुड़/धौलाना क्षेत्र में ESIC अस्पताल स्थापित किया जाए.
6. गाँवों का प्राधिकरणों में समायोजन – हापुड़ जिले के गाँवों को HPDA के अंतर्गत शामिल किया जाए तथा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले गाँवों में उद्योगों को अनुमति दी जाए.
एसोसिएशन ने कहा कि यदि इन सुझावों को समिति के एजेंडा में शामिल कर ठोस कदम उठाए जाते हैं तो हापुड़ एवं गाज़ियाबाद औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के निवेश और रोजगार के लिए नई संभावनाएँ खोल सकता है.
मुख्य सचिव एवं Invest-UP CEO ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु आश्वासन दिया।इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में –
अध्यक्ष दीपक शर्मा, उपाध्यक्ष धीरज तोमर, सचिव सुदीप चौधरी,
संस्थापक ए.के. गुप्ता, VDH ग्रुप के निदेशक गगनदीप सिंह