18 गांवों के किसानों का ग़ाज़ियाबाद में ज़बरदस्त प्रदर्शन, वेव सिटी के खिलाफ GDA पर गरजे नारों के साथ!

Date: 2025-09-02
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11 सितम्बर को होगी बड़ी बैठक – किसानों ने चेताया, समझौता लागू करो वरना आंदोलन और तेज़ होगा

ग़ाज़ियाबाद।
ग़ाज़ियाबाद में किसानों का ग़ुस्सा एक बार फिर उबाल पर है। हाईटेक सिटी परियोजना (वेव सिटी) से प्रभावित 18 गांवों के सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टरों के काफ़िले के साथ 1 सितम्बर को ग़ाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) का घेराव कर दिया। किसानों ने जोरदार नारेबाज़ी करते हुए प्राधिकरण के सामने अपनी ताकत दिखा दी और साफ़ संदेश दे दिया कि अब वक़्त आ गया है कि 20 मई 2014 के समझौते को लागू किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान माहौल गगनभेदी नारों से गूंज उठा –
"समझौता लागू करो – नहीं तो गद्दी छोड़ो!"
"किसानों की मेहनत – नहीं किसी की ज़मींदारी!"

किसानों का आरोप है कि वेव सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर किसानों की ज़मीन लेने के बाद बिल्डर दबंगई दिखा रहा है और समझौते की शर्तों को लागू करने में टालमटोल कर रहा है। किसानों का कहना है कि अगर प्राधिकरण और बिल्डर ने मिलकर तय समझौते को लागू नहीं किया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

GDA ने किसानों को दिया भरोसा – 11 सितम्बर को निर्णायक बैठक

प्रदर्शन के बाद किसानों और प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार सिंह के बीच वार्ता हुई। सचिव ने किसानों को भरोसा दिलाया कि 11 सितम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे GDA सभाकक्ष में निर्णायक बैठक होगी, जिसमें विकासकर्ता (वेव सिटी) के डायरेक्टर या अधिकृत प्रतिनिधि को भी बुलाया गया है।

किसानों ने साफ़ कहा कि इस बार बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं होगी – हमें लिखित में ठोस निर्णय चाहिए।

किसान बोले – "हमारे हक़ की लड़ाई है, पीछे नहीं हटेंगे"

गांवों से आए किसानों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने सालों पहले जमीन देकर विकास का सपना देखा था, लेकिन अब बिल्डर हमारी मेहनत पर ऐश कर रहा है और हमें हक़ से वंचित कर रहा है। किसानों ने चेताया कि अगर 11 सितम्बर की बैठक में हल नहीं निकला तो ग़ाज़ियाबाद से लेकर लखनऊ तक सड़कें जाम होंगी।

वेव सिटी – ताक़तवर बिल्डर, लेकिन किसानों ने दिखाई अपनी शक्ति

जानकारी के अनुसार, वेव सिटी प्रोजेक्ट के पीछे बड़ी ताकत और पूंजी है, और लंबे समय से बिल्डर दबंग रवैया अपनाए हुए है। बिल्डर पर आरोप है कि वह प्राधिकरण की शह पर किसानों को उनका हक़ नहीं दे रहा।
हालांकि, किसानों के इस प्रदर्शन ने बिल्डर की नींद उड़ाकर रख दी है।
ग़ाज़ियाबाद के लोग अब पूछ रहे हैं – क्या GDA किसानों के साथ न्याय करेगा या दबंग बिल्डर के आगे झुकेगा?
11 सितम्बर की बैठक इस सवाल का जवाब देगी।

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