गाज़ियाबाद। बदलते समय के साथ साइबर अपराधों का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है, ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। इसी दिशा में पुलिस आयुक्त श्री जे. रविन्दर गौड़ के निर्देश पर गाज़ियाबाद पुलिस द्वारा “साइबर चौपाल” अभियान के अंतर्गत एक साइबर सुरक्षा जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन वैशाली सेक्टर-3 स्थित जैन मंदिर परिसर में किया गया।
इस संगोष्ठी का आयोजन सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम श्री अभिषेक श्रीवास्तव एवं थाना कौशांबी पुलिस द्वारा किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को नए-नए साइबर ठगी के तरीकों से सतर्क करना और साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा।
सहायक पुलिस आयुक्त श्री अभिषेक श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों को बताया कि,
> “जागरूकता से ही हम साइबर अपराधों पर लगाम लगा सकते हैं। नागरिकों को फर्जी ई-चालान, नौकरी के झांसे, बैंक वेरिफिकेशन, इनाम की स्कीमें जैसी भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहना चाहिए।”
पुलिस टीम ने संगोष्ठी में शामिल लोगों को यह भी बताया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। इसके साथ ही उपस्थित नागरिकों को साइबर क्राइम से संबंधित आवश्यक गाइडलाइंस भी वितरित की गईं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से सीनियर सिटीजन, RWA सदस्यों, व्यापारी वर्ग और युवाओं की भागीदारी रही। संगोष्ठी में थाना प्रभारी कौशांबी, साइबर सेल पुलिसकर्मी और डॉ. नमित वाष्र्णेय, मोहन दास, महिम जैन, संजीव वर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गाज़ियाबाद पुलिस द्वारा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि शहर में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो और एक सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण हो सके।