नई दिल्ली। गो-हत्या पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर विजय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.याचिका में मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है.जिसमें गो-हत्या से संबंधित प्रतिबंध को बरकरार रखा गया था.इस याचिका के दायर होने के बाद मामला एक बार फिर कानूनी और संवैधानिक बहस का विषय बन गया है.
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस मामले में कुछ कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है. वहीं. दूसरी ओर यह मामला धार्मिक. सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी संवेदनशील माना जाता है। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश और लागू कानूनों के आधार पर ही होता है.
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है. यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत याचिका पर तत्काल सुनवाई करेगी या पहले इसे स्वीकार करने पर विचार करेगी। यदि याचिका स्वीकार होती है.तो दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी.
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का फैसला भविष्य में गो-हत्या से जुड़े कानूनों और उनकी व्याख्या पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है. फिलहाल सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं.