भारतीय रेलवे समय-समय पर यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक करता रहता है. रेलवे का कहना है कि कुछ सेकंड बचाने की जल्दबाज़ी कई बार गंभीर हादसों का कारण बन जाती है.विशेष रूप से चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

हर साल देशभर में ऐसे कई हादसे सामने आते हैं. जिनमें यात्री ट्रेन पकड़ने या उतरने की जल्दबाज़ी में प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंस जाते हैं या संतुलन खोकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं.ऐसे हादसों में गंभीर चोटें लगने के साथ कई मामलों में जान भी चली जाती है.

रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि यदि ट्रेन छूट जाए तो घबराएं नहीं. अगली ट्रेन का इंतजार करें या वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था अपनाएं। कुछ मिनटों की देरी स्वीकार की जा सकती है, लेकिन जीवन की भरपाई संभव नहीं है.
यात्रियों को हमेशा ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ना या उतरना चाहिए.प्लेटफॉर्म पर पीली सुरक्षा रेखा के पीछे खड़े रहें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा भारी सामान के साथ दौड़कर ट्रेन पकड़ने की कोशिश न करें.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन करके अधिकांश रेल दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है. जागरूकता और सावधानी ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी है.