डासना नगर पंचायत में सभासद मानदेय भुगतान पर विवाद, 67 लाख की ग्रांट के बावजूद बकाया का आरोप

Date: 2026-05-22
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गाजियाबाद जनपद की Dasna नगर पंचायत एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। इस बार मामला सभासदों के मानदेय भुगतान से जुड़ा है, जिसे लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।

वार्ड नंबर 15 के सभासद वसीम राजा ने अधिशासी अधिकारी को संबोधित एक पत्र में आरोप लगाया है कि शासन द्वारा नगर पंचायत को लगभग 67 लाख रुपये से अधिक की ग्रांट प्राप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सभासदों का निर्धारित मानदेय लंबे समय से जारी नहीं किया गया.

पत्र में कहा गया है कि शासन की ओर से प्रत्येक सभासद के लिए 1000 रुपये मासिक मानदेय निर्धारित है। सभासदों का आरोप है कि यह भुगतान कई महीनों से लंबित है, जिससे जनप्रतिनिधियों में असंतोष व्याप्त है.

सभासद वसीम राजा ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियों के सम्मान के लिए दिए जाने वाले मानदेय को रोकना नैतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से गलत है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो सभी सभासद जिलाधिकारी गाजियाबाद सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे.

मामले के सार्वजनिक होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है.

फिलहाल नगर पंचायत प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सभासदों के तेवरों से साफ है कि मानदेय भुगतान का मुद्दा अब स्थानीय राजनीति में अहम विषय बनता जा रहा है.

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