देश में नाबालिग बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसी घटनाएं केवल पीड़ित और उसके परिवार को ही नहीं.बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनों का सख्ती से पालन.त्वरित जांच और समयबद्ध न्याय व्यवस्था आवश्यक है.

बच्चों के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए अभिभावकों.स्कूलों. समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है. बच्चों को "गुड टच" और "बैड टच" की जानकारी देना, उनकी बातों को गंभीरता से सुनना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देना महत्वपूर्ण कदम हैं.
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में POCSO Act के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है. दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा दी जा सकती है.समाज में जागरूकता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है.