चीफ इमाम को सदमा, छोटे भाई का देहांत
नूंह (हरियाणा) प्रेस विज्ञप्ति
शहर की प्रतिष्ठित धार्मिक शख्सियत और नूह जामा मस्जिद बड़ा मदरसे के मोहतमिम जनाब जुबेर इलियासी साहब का इंतकाल पूरे इलाके के लिए गहरे दुख का कारण बन गया। वह लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही नूंह और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
ज्ञात रहे कि मरहूम, मशहूर इस्लामी विद्वान शेख उल हदीस मौलाना मुनीरउद्दीन के पोते मरहूम जमील अहमद इलियासी साहब के बेटे और ऑल इंडिया इमाम काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चीफ इमाम डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी साहब के छोटे भाई थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी दीन की खिदमत और समाज की भलाई के लिए समर्पित की। उनकी सादगी, मिलनसार स्वभाव और लोगों के साथ गहरा जुड़ाव उन्हें खास बनाता था।
जनाज़े की नमाज़ मेवात में बड़ा मदरसा बड़ी मस्जिद में इशा की नमाज़ के बाद अदा की गई , जिसमें इलाके के हजारों लोगों ने नम आंखों के साथ शिरकत की। इसके बाद मरहूम को गौशाला के सामने उनके खानदानी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाज़े में उमड़ी भारी भीड़ ने इस बात का सबूत दिया कि मरहूम को लोगों के दिलों में खास मुकाम हासिल था।
लोगों ने तज़ियाती क़रारदात पेश करते हुए अल्लाह तआला से दुआ की है कि मरहूम की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और उनके अहलेखाना को सब्र-ए-जमील अता करे। मरहूम ज़ुबैर अहमद इलियासी परिवार में कम उम्र के एक बेटा और दो बेटियां हैं