नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है.उन्होंने आरोप लगाया कि "लोगों पर जबरदस्ती E20 पेट्रोल थोपा जा रहा है।" उनके इस बयान के बाद ईंधन नीति को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है.

केजरीवाल ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को बिना पर्याप्त विकल्प और स्पष्ट जानकारी के E20 पेट्रोल अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है.उन्होंने इस नीति के प्रभावों और आम जनता पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर सवाल उठाए.
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है.केंद्र सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी. प्रदूषण में कमी आएगी और किसानों को भी लाभ मिलेगा.

हालांकि, कुछ वाहन विशेषज्ञों का कहना है कि सभी पुराने वाहन E20 ईंधन के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं.इसलिए वाहन मालिकों को अपने वाहन निर्माता की सलाह के अनुसार ही ईंधन का उपयोग करना चाहिए.
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
केजरीवाल के बयान के बाद E20 नीति को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से उनके ताज़ा बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.